गुरुवार, ११ डिसेंबर, २०२५

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य

चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


• स्थान :

महाराष्ट्र राज्य के विदर्भ विभाग में चंद्रपुर जिले में स्थित अंधारी नदी के उद्गम क्षेत्र में आपको ताडोबा अभयारण्य देखने को मिलता है।

• अभयारण्य का क्षेत्रफल :

• ताडोबा–अंधारी अभयारण्य के दो मुख्य भाग हैं।

• ताडोबा–अंधारी कोर ज़ोन क्षेत्रफल : 625.40 चौ. किलोमीटर

• ताडोबा–अंधारी बफर ज़ोन क्षेत्रफल : 1100 चौ. किलोमीटर

• कुल क्षेत्रफल : 1725.40 चौ. किलोमीटर

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


अभयारण्य पहुँचने के लिए यात्री मार्ग :

• नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 140 किलोमीटर की दूरी पर ताडोबा–अंधारी व्याघ्र परियोजना है।

• चंद्रपुर से बस द्वारा 45 किलोमीटर दूरी पर ताडोबा अभयारण्य स्थित है।

• चिमूर से 32 किलोमीटर दूरी पर ताडोबा अभयारण्य है।

• चंद्रपुर जिला मुख्यालय होने के कारण यह स्थान रेल व सड़क मार्ग से देश के अन्य शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


ताडोबा अभयारण्य की स्थानीय जानकारी :

• वनस्पति जीवन :

ताडोबा अभयारण्य महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आता है।

यहाँ का वातावरण गर्म और शुष्क होने के कारण यहाँ दक्षिण उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती जंगल (Tropical Dry Deciduous Forest) पाए जाते हैं।

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


यहाँ मुख्य रूप से निम्नलिखित वृक्ष पाए जाते हैं —

मोह, धावड़ा, आपटा, बेहड़ा, खैर, बिब्बा, शीशम, तेंदूपत्ता, सागवान, ऐन, बाँस।

इन वृक्षों में शिशिर ऋतु (सर्दी व गर्मी के बीच का समय) में पत्तों का झड़ना होता है।

इसके अलावा यहाँ आम, जामुन, अर्जुन जैसे सदाबहार वृक्ष भी पाए जाते हैं।

यहाँ मगरमच्छ की चमड़ी जैसी आकृति वाला क्रोकोडाइल ट्री (Crocodile Bark Tree) तथा रात में भूत जैसे दिखने वाला घोस्ट ट्री भी देखने को मिलता है।

नवनिर्मित वनीकरण में काफी जगह खाली छोड़ी गई है, जिसे फायर लाइन / फायर ज़ोन कहते हैं।

इसका उद्देश्य जंगल में आग लगने पर उसे फैलने से रोकना है।

यहाँ के जंगल से वन विभाग बाँस, इमारती लकड़ी, औषधियाँ और तेंदूपत्ते जैसे उत्पाद प्राप्त करता है।



• जल व्यवस्था :

अंधारी नदी :

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


यह इस अभयारण्य की मुख्य जीवनदायिनी नदी है।

कहानी के अनुसार पहले यहाँ इतना घना जंगल था कि सूर्य की रोशनी भी ज़मीन तक नहीं पहुँचती थी।

हर तरफ अंधेरा होने के कारण इस नदी का नाम अंधारी नदी पड़ा।

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


ताडोबा :

ताडोबा यहाँ का मुख्य व बड़ा तालाब है।

इस तालाब में सालभर पर्याप्त पानी रहता है।

इसी तालाब के आधार पर पूरे अभयारण्य का नाम ताडोबा रखा गया।

इस क्षेत्र में इसके अलावा भी कई छोटे–बड़े जलस्रोत मिलते हैं :

वाघडोह, मोहाचा खड्डा, आंबे डोह, जामुन झोरा, सांबर डोह, वसंत बांध, काटेजरी, उमरी फाटा, काला आंबा, तेल्याताड इत्यादि।

इन जलस्रोतों से जंगल के सभी जंगली जानवरों की पानी की आवश्यकता पूरी होती है।

गर्मी में पानी सूखने की समस्या न हो इसलिए वन विभाग ने कई जगह सोलर पंप व बोअरवेल आधारित कृत्रिम जलस्रोत भी बनाए हैं।

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


• प्राणी जीवन :

यहाँ के मुख्य बिग फाइव इस प्रकार हैं —

वाघ (बाघ), बिबट्या (तेंदुआ), अस्वल (भालू), जंगली कुत्रे (ढोले), गवा (जंगली भैंस)।

इसके अलावा यहाँ ये जीव भी पाए जाते हैं —

काला हिरण, चीतल, रानडुक्कर (जंगली सूअर), साळिंदर (साही), भेकर, उदमांजर (सिवेट), लांडगा (भेड़िया), मुंगूस, घोरपड (मॉनिटर लिज़र्ड), नीलगाय तथा पिसुरी हिरण।

• वाघ (बाघ) :

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


ताडोबा का सबसे महत्वपूर्ण व आकर्षक प्राणी बाघ है।

इसे रॉयल बंगाल टाइगर कहा जाता है।

• नर बाघ का क्षेत्र : 40–45 चौ. कि.मी.

• बाघिन का क्षेत्र : 11–12 चौ. कि.मी.

एक बाघ या बाघिन दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश करे तो संघर्ष होता है।

बाघ अपने क्षेत्र को चिह्नित करने के लिए —

• पेड़ों व पत्थरों पर पंजों से खुरचाव

• मूत्रविसर्जन के माध्यम से निशान छोड़ते हैं।

गर्मियों में बाघ अक्सर जलस्रोतों में आराम करते दिखते हैं।

बाघों की गिनती अमेरिकन वाइल्डलाइफ कंजरवेशन सोसायटी की मदद से लगे कैमरा ट्रैप और सेंसर द्वारा की जाती है।

दो बाघों के शरीर पर पट्टों का पैटर्न कभी भी समान नहीं होता, इसी से उनकी पहचान की जाती है।

ताडोबा के तेल्या तलाव क्षेत्र में प्रसिद्ध डॉक्यूमेंट्री

“टाइगर सिस्टर्स ऑफ़ तेलिया” शूट की गई है।

• रानगवे (जंगली भैंस) :

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


यहाँ प्रचुर पानी व घास के कारण जंगली भैंसों (गवा) के बड़े–बड़े झुंड मिलते हैं।

ये भारी–भरकम, काले, मजबूत व नुकीले सींगों वाले होते हैं।

• हरणे (हिरण) :



यहाँ सुंदर काले हिरण तथा पीले रंग पर सफेद डॉट वाले चीतल बड़ी संख्या में मिलते हैं।

ये बाघ का मुख्य भोजन हैं।

बाघ हिरण का मांस खाता है और हड्डियाँ छोड़ देता है, जिनमें कैल्शियम अधिक होता है।

उन्हें साळिंदर (साही) कुतरकर खाता है — यह भोजन श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण भाग है।

• जंगली कुत्रे (ढोले) :

यहाँ ढोलों के समूह बड़ी संख्या में देखे जाते हैं जो हिरण और जंगली सूअर का शिकार करते हैं।

• बिबट्या (तेंदुआ) :

तेंदुआ अधिकतर रात में सक्रिय रहता है, इसलिए इसका दर्शन कम होता है।

• अस्वल (भालू) :

यह जंगल में पाए जाने वाला महत्वपूर्ण प्राणी है।

यह पेड़ों पर मौजूद फल, मधु तथा छोटे जीव खाता है।

• मगर :

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


बाघ के बाद यहाँ तालाबों व दलदली क्षेत्रों में मगरमच्छ विशेष रूप से पाए जाते हैं।

• पक्षी जीवन :



ताडोबा सफारी के दौरान 300 से अधिक स्थानीय और प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं।

इनमें प्रमुख हैं —

बगुले, धनेश, रानकोंबड़ी (जंगलफाउल), करकोचा, खंड्या (किंगफिशर), मोर, भारद्वाज, मछलीमार डोमकावला,

साथ ही कई ऋतु आधारित प्रवासी पक्षी भी यहाँ दिखाई देते हैं।

ताडोबा नाम क्यों पड़ा?

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


यहाँ गोंड आदिवासी समुदाय निवास करता है।

कहा जाता है कि यहाँ पहले तारू नाम का एक अत्यंत बहादुर आदिवासी युवक रहता था।

वह जंगली जानवरों से अपने गाँव की रक्षा करता था।

वह वाघ (बाघ) की आँखों में आँखें डालकर मुकाबला करता था, तेंदूपत्ते व वन औषधियाँ लाता था तथा कई खतरनाक काम करता था।

एक दिन वाघ से संघर्ष करते हुए उसकी मृत्यु हो गई।

उसके अंतिम संस्कार तालाब के किनारे किए गए।

बाद में आदिवासियों ने वहाँ मंदिर बनाया और उसकी पूजा करने लगे।

इसी युवक "तारू" से इस स्थान का नाम ताडोबा पड़ा।

आज भी पौष महीने में आदिवासी यहाँ विशेष यात्रा व उत्सव मनाते हैं।

कीड़े-मकौड़े :

• इस अभयारण्य में आपको अनेक छोटे-बड़े प्रकार के कीड़े-मकौड़े देखने को मिलते हैं। लगभग 175 प्रकार की तितलियों की प्रजातियाँ यहाँ पाई जाती हैं।

• शिकारा कीड़ा :

गर्मी के मौसम में यहाँ शिकारा कीड़ों की पैदाइश होती है। इनका जीवनकाल बहुत कम होता है। पूरी तरह विकसित होने पर ये एक प्रकार की आवाज निकालने लगते हैं। उस समय इनके शरीर से पानी टपकने लगता है। उनकी यह प्रक्रिया पूरी होते ही वे मर जाते हैं। इनके जोर-जोर से आवाज करने से जंगल में एक भय-सूचक वातावरण बन जाता है। कई पक्षियों का यह प्रिय भोजन है।

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


• घास :

इस स्थान पर विभिन्न प्रकार की घास की प्रजातियाँ देखने को मिलती हैं। इनकी संख्या लगभग 60 से अधिक है।

सरीसृप :

यहाँ मगर, सांप, घड़ियाल/घोरपड़ जैसे विभिन्न कुल मिलाकर 54 प्रकार के सरीसृप पाए जाते हैं।

ताडोबा अंधारी बाघ परियोजना देखने की व्यवस्था :



• अभयारण्य देखने के लिए बफ़र ज़ोन में 14 गेट तथा कोर ज़ोन में 6 गेट, कुल मिलाकर 20 गेट हैं।

इन गेटों से परमिट पास लेकर ही जंगल में प्रवेश मिलता है।

केवल 20% क्षेत्र निरीक्षण हेतु खुला रहता है।

गर्भ क्षेत्र (कोर इंटर्नल ज़ोन) में प्रवेश की अनुमति नहीं है।

ताडोबा अंधारी बाघ परियोजना का इतिहास :

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


• सन् 1955 में ताडोबा को राष्ट्रीय उद्यान के रूप में मान्यता दी गई।

• सन् 1985 में ताडोबा और अंधारी वन को मिलाकर ताडोबा–अंधारी बाघ परियोजना घोषित किया गया।

• सन् 2014 में यहाँ के जामनी, पांढरपोळ जैसे आदिवासी गाँवों को अभयारण्य क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया गया।

• वर्तमान में यहाँ वन विभाग द्वारा पर्यटन सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


अभयारण्य देखने के लिए नियम व शर्तें :

• अभयारण्य में प्रवेश करते समय किसी भी प्रकार की प्लास्टिक वस्तु या कागज़ ले जाना मना है।

• प्रवेश के समय अपना मोबाइल फोन बंद करके जमा करना पड़ता है। सेल्फी लेने पर सख्त पाबंदी है।

• सफारी के लिए प्रवेश शुल्क लिया जाता है। टिकट दिखाकर ही प्रवेश मिलता है।

• सफारी के लिए जीप (Gypsy) और कैंटर इन दो प्रकार के वाहनों को अनुमति है।

• सफारी के दौरान वाहन से नीचे उतरना मना है।

• जानवरों को देखकर कोई आवाज न करें और न ही उन्हें परेशान करने वाली कोई हरकत करें।

• पीने के पानी के लिए प्रवेश द्वार पर काँच की बोतल दी जाती है। प्लास्टिक बोतलें प्रतिबंधित हैं।

• अभयारण्य परिसर में धूम्रपान और मद्यपान सख्ती से निषिद्ध है।

• वन विभाग की ओर से एक गाइड और ड्राइवर साथ में दिए जाते हैं।

• कैमरा, दूरबीन ले जाने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है।

• गेट के पास स्थित दुकानों से इन्हें खरीदा या किराए पर लिया जा सकता है।

• मोहार्ली गेट सहित कई गेटों के पास भोजन, नाश्ता व रहने की व्यवस्था के लिए होटल और लॉज उपलब्ध हैं।

ताडोबा – अंधारी राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य  चंद्रपुर, महाराष्ट्र (Tadoba Andhari National Park & Tiger Reserve)


यही है ताडोबा-अंधारी व्याघ्र अभयारण्य की विस्तृत जानकारी। Tadoba andhari rastriy udyan abhyarany chndrapur maharashtra 




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