crossorigin='anonymous' src='https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1553308877182847'/> महाराष्ट्र किल्ले व स्थळे यांची माहिती Forts and places in maharashtra: खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

गुरुवार, १९ फेब्रुवारी, २०२६

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)
(Kharosa Leni, Maharashtra ke bare me jankari hindi me )

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)


स्थान :

महाराष्ट्र राज्य के लातूर ज़िले में, निलंगा–लातूर रोड पर स्थित खरोसा गाँव के पास पहाड़ी में जांभ्या (लेटराइट) पत्थर को काटकर बनाई गई गुफाओं को खरोसा लेणी कहा जाता है।

लेणी देखने कैसे जाएँ?

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)


हवाई मार्ग :

पुणे हवाई अड्डे से: लगभग 370 किमी

हैदराबाद से: लगभग 298 किमी

औरंगाबाद से: लगभग 264 किमी

रेल मार्ग :

लातूर की ओर जाने वाले रेल मार्ग पर हरंगुले रेलवे स्टेशन उतरकर खरोसा लेणियों की ओर जाया जा सकता है।

सड़क मार्ग :

लामजना–निलंगा रोड पर खरोसा गाँव स्थित है। यह गाँव सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। निजी वाहन या बस द्वारा सीधे पहुँचा जा सकता है।

लेणी परिसर में देखने योग्य स्थल

खरोसा गाँव के पास पहाड़ी की ओर जाने वाले मोड़ से लेणी परिसर में प्रवेश किया जाता है। वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है और वहाँ से पैदल लेणियाँ देखी जा सकती हैं।

इस क्षेत्र की पहाड़ी जांभ्या (लेटराइट) पत्थर की बनी है, जो कोकण के खडक जैसी प्रतीत होती है। यहाँ लगभग बीस लेणियाँ देखने को मिलती हैं।

खरोसा लेणी त्रिधार्मिक हैं—

बौद्ध लेणी

हिंदू (शैव) लेणी

जैन लेणी

इन लेणियों का निर्माण अलग–अलग कालखंडों में हुआ है।

बौद्ध लेणी

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)


बौद्ध लेणियाँ हीनयान संप्रदाय के काल में निर्मित हुईं। तत्कालीन राजाओं, भिक्षुओं, निधि तथा क्षेत्र के समृद्ध वर्ग द्वारा दिए गए दान से इनका निर्माण कराया गया।

ये लेणियाँ विहार–चैत्य मंदिर प्रणाली पर आधारित हैं। कुछ स्थानों पर विहार, तो कुछ स्थानों पर चैत्य दिखाई देते हैं।

लेणी क्रमांक 1

यह एक बौद्ध धर्मीय लेणी है, जिसमें एक विहार कक्ष है। प्रवेश के लिए छोटा द्वार बना है।

गर्मियों में भीतर ठंडक और बरसात में उष्णता का अनुभव होता है। यह बौद्ध भिक्षुओं के विश्राम कक्ष के रूप में प्रयुक्त होती रही होगी।

दूसरी लेणी

बाहरी भाग में एक भग्न स्तूप दिखाई देता है, जिससे यह पूर्व में प्रार्थना–स्तूप लेणी रही होगी।

अंदर विस्तृत सभामंडप है तथा पीछे गर्भगृह में महायान संप्रदाय की बुद्ध प्रतिमा स्थापित दिखाई देती है।

लेणी के बाहरी दोनों ओर ध्यान कक्ष भी देखने को मिलते हैं।

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)


अन्य बौद्ध लेणियाँ

इस परिसर की अधिकांश लेणियाँ बौद्ध हैं। कुछ चैत्य स्वरूप की हैं।

चैत्य लेणियों में दोनों ओर स्तंभ तथा उनके पीछे प्रदक्षिणा पथ दिखाई देता है। समय के साथ कुछ स्तंभ टूट चुके हैं और प्रदक्षिणा मार्ग अवरुद्ध हो गया है।

कुछ लेणियाँ दुमंज़िला हैं। बाहरी भाग में पद्मपाणी और चक्रपाणी की क्षतिग्रस्त मूर्तियाँ उकेरी गई हैं।

भीतर विस्तृत सभागृह और गर्भगृह हैं। कुछ लेणियाँ विश्राम एवं ध्यान–समाधि के लिए निर्मित की गई थीं।

हिंदू (शैव) लेणी

यह लेणी चालुक्य राजवंश के काल में, विशेषतः ईस्वी सन् 6वीं से 8वीं शताब्दी के बीच खोदी गई।

यह एक भव्य शिव मंदिर है। इसमें अनेक विशाल स्तंभ हैं, जिनके ऊपरी भाग पर भारवाहक शिल्पांकन दिखाई देता है।

रचना इस प्रकार है—

बाह्य सभामंडप

अंतराल

अंतराल में नंदी

आगे गर्भगृह

गर्भगृह के बाहर द्वारपाल हैं। भीतर शिवपिंडी एवं नाग स्थापित हैं।

उत्तर दीवार पर उकेरे गए शिल्प—

देव–दानव समुद्रमंथन दृश्य

रावण द्वारा कैलास पर्वत उठाने का दृश्य (रावणानुग्रह शिल्प)

दक्षिण दीवार पर उकेरे गए शिल्प—

वराह, मल्ल, नागदेवता, वामन अवतार, नरसिंह, कृष्ण, राम, कार्तिकेय तथा गणेश।

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)


जैन लेणी

इस परिसर की एक जैन लेणी ईस्वी सन् 9वीं शताब्दी में जैन धर्मावलंबियों द्वारा खोदी गई।

वर्तमान स्थिति एवं संरक्षण

लेणी समूह की अनेक लेणियाँ जीर्ण अवस्था में हैं। समय के प्रभाव और छिद्रयुक्त, भुरभुरे पत्थर के कारण कई शिल्प अस्पष्ट हो गए हैं।

दुमंज़िला लेणियों तक जाने के लिए सीढ़ियाँ हैं। कुछ स्थानों पर ये टूट चुकी थीं, जिनकी मरम्मत की गई है।

महाराष्ट्र राज्य पर्यटन विकास महामंडल, राज्य शासन, पुरातत्त्व विभाग और स्थानीय लोगों के सहयोग से लेणियों का जीर्णोद्धार तथा पर्यटन विकास कार्य चल रहा है।

अन्य धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)


रेणुका माता मंदिर :

लेणी समूह वाली पहाड़ी के सामने देवी रेणुका माता का मंदिर स्थित है।

दरगाह :

इस क्षेत्र में एक दरगाह भी है, जो मुस्लिम समुदाय की श्रद्धा का केंद्र है।

औसा किला :

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)


लेणी समूह के पास औसा गाँव के समीप एक प्राचीन ऐतिहासिक किला स्थित है।

निलंगेश्वर मंदिर :

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)


निलंगा गाँव का प्राचीन शैव मंदिर, जिसकी उत्कृष्ट स्थापत्य कला दर्शनीय है।

किल्ले भ्रमंतीवेळी अनेक वस्तू लागतात. त्या तुम्ही खालील वेबसाईटच्या आधारे पाहू शकता. खरेदी करू शकता.

• ट्रॅव्हल श्याक /Tripole Aur Trekking and Travel Rucksack

👉https://amzn.to/4rDgX2V

• ट्रेकिंग शूज/ Trekking shoes / Hiking shoes

👉 https://amzn.to/4uyIUeZ

• टोपी / Sun Cap / hat :

👉 https://amzn.to/4bRniDe

• कॅमेरा / Action Camera :

👉 https://amzn.to/4biTU90

• सेल्फी स्टिक/ Selfie stick. :

👉 https://amzn.to/4bGETNg

• बॅटरी/ LED Headlamp / Torch :

👉https://amzn.to/4bNNUoN

• रोहन दोरी /Climbing rope :

👉https://amzn.to/41bmO4P

• कॅरेबिनर हुक/ Carabiner Hooks :

👉 https://amzn.to/4uDMC7i

• फर्स्ट अँड कीट /First Aid kit :

👉https://amzn.to/4bx27VF

• कॅम्पिंग टेन्ट /Camping Tent :

👉https://amzn.to/47bm973

• झोपण्याची बॅग / Sleeping Bag :

👉 https://amzn.to/40IDYqn

खरोसा लेणी समूह – ऐतिहासिक जानकारी

खरोसा लेणियाँ त्रिधार्मिक हैं।

बौद्ध लेणियाँ हीनयान संप्रदाय के काल में, ईस्वी सन् 5वीं–6वीं शताब्दी में खोदी गईं। बाद में महायान संप्रदाय द्वारा बुद्ध प्रतिमाएँ स्थापित की गईं। प्रारंभ में यहाँ स्तूप थे।

हिंदू (शैव) लेणियाँ चालुक्य काल में, ईस्वी सन् 6वीं–8वीं शताब्दी में निर्मित हुईं।

जैन लेणी, जैन लेणी शोधकर्ता विराज शाह के अनुसार, ईस्वी सन् 9वीं शताब्दी की है।

ईस्वी सन् 1885 से 1901 के बीच जेम्स बर्जेस के नेतृत्व में इन लेणियों का सर्वेक्षण कर उन्हें प्रकाश में लाया गया।

ईस्वी सन् 1947 के बाद स्वतंत्र भारत में ये लेणियाँ भारत सरकार के अधीन आईं।

आगे चलकर इन्हें पुरातत्त्व विभाग को सौंपा गया।

वर्तमान में इनके पुरातत्त्वीय स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन विकास के अंतर्गत संरक्षण कार्य किया जा रहा है।

इस प्रकार खरोसा लेणी समूह महाराष्ट्र की एक महत्वपूर्ण त्रिधार्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातत्त्वीय धरोहर है।

खरोसा लेणी (Kharosa Leni, Maharashtra)


खरोसा लेणी  समूह के बरे मे जाणकारी हिंदी (Kharosa Leni, Maharashtra ke bare me jankari hindi me )

कोणत्याही टिप्पण्‍या नाहीत:

टिप्पणी पोस्ट करा

ही एक वैयक्तिक माहितीपर वेबसाईट आहे. येथे दिलेली माहिती अभ्यास व संदर्भासाठी आहे.
अधिकृत माहितीसाठी संबंधित सरकारी संकेतस्थळ पाहावे.

कुडे लेणी/ kude leni

  कुडे लेणी/ kude leni स्थान :  महाराष्ट्र राज्यातील रायगड जिल्ह्यात रोहा तालुक्यात कुडा लेणी आहेत. इंदापूर पासून मुरुड जंजीरा मार्गावर आ...