संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, बोरिवली
(Sanjay Gandhi National Park, Borivali)
स्थान :
महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर के मध्य भाग के निकट स्थित राष्ट्रीय अभयारण्य संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान है। यह मुंबई शहर के बीचों-बीच स्थित भारत का एकमात्र इतना विशाल राष्ट्रीय उद्यान है। यह उद्यान प्रकृति, वन्यजीव और प्राचीन इतिहास का एक अनोखा संगम प्रस्तुत करता है।
हद (सीमाएँ) :
इस उद्यान की उत्तरी सीमा पर वसई की खाड़ी स्थित है।
दक्षिण दिशा में विहार झील है।
पूर्व दिशा में ठाणे शहर का परिसर आता है।
पश्चिम दिशा में मुंबई शहर के बोरिवली और कांदिवली क्षेत्र स्थित हैं।
पता : बोरिवली (पूर्व एवं पश्चिम), मुंबई, महाराष्ट्र
क्षेत्रफल :
लगभग १०४ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में यह राष्ट्रीय उद्यान फैला हुआ है।
अभयारण्य देखने के लिए यातायात मार्ग :
मुंबई एक अंतरराष्ट्रीय महानगर है, जो सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
बोरिवली लोकल ट्रेन से बोरिवली स्टेशन पर उतरने के बाद, वहाँ से मात्र दस मिनट की दूरी पर राष्ट्रीय उद्यान का मुख्य प्रवेश द्वार है।
ठाणे, मुंबई तथा आसपास के क्षेत्रों और बाहरी जिलों से आने वाले पर्यटक निजी वाहन, बस या अन्य साधनों से बोरिवली स्थित नेशनल पार्क पहुँच सकते हैं।
कैसे जाएँ?
रेल मार्ग : बोरिवली स्टेशन (पश्चिम) – वहाँ से ऑटो रिक्शा या बस
बस सेवा : BEST बसें उपलब्ध हैं
निजी वाहन : वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से सीधे और आसानी से प्रवेश
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में देखने योग्य पर्यटन स्थल :
बोरिवली पहुँचने के बाद अभयारण्य परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर टिकट लेकर उद्यान में प्रवेश किया जा सकता है। अभयारण्य भ्रमण के लिए यहाँ किराए पर साइकिल उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त यहाँ स्थानीय मिनी ट्रेन भी चलती है, जिसे “वनरानी” कहा जाता है। इसके टिकट लेकर पर्यटक पूरे अभयारण्य की सैर का आनंद ले सकते हैं।
मंगलवन / वेलावण :
वसई खाड़ी से उल्हास नदी के आसपास फैला खाड़ीदार (खारफुटी) वन क्षेत्र मंगलवन / वेलावण के नाम से जाना जाता है। इस क्षेत्र में निम्नलिखित खारफुटी वृक्ष पाए जाते हैं —
अविसेनिया (Avicennia) – श्वसन के लिए ऊपर निकली हुई जड़ें
राइजोफोरा (Rhizophora) – खंभे जैसी आधार जड़ें (Stilt Roots)
सोननेरशिया (Sonneratia) – दलदली क्षेत्र में उगने वाले बड़े वृक्ष
ब्रुगिएरा (Bruguiera) – लंबी जड़ें और घना पर्णसंभार
कंदेल / कैंडेलिया (Kandelia) – तटीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले वृक्ष
जीव-जंतु :
पक्षी : बगुला, करकोचा, बक, किंगफिशर आदि
मछलियाँ : खारफुटी क्षेत्र को मछलियों की नर्सरी माना जाता है
अन्य जलचर : झींगे (Shrimp/Prawn), केकड़े (Crabs), शिंपले, ऑयस्टर तथा मडस्किपर (कीचड़ पर चलने वाली मछली) इस क्षेत्र में पाए जाते हैं।
मध्य जंगल का भाग :
इस अभयारण्य के मध्य भाग में घना जंगल पाया जाता है। यहाँ विशेष रूप से साग (Teak), करंज, बोर, बबूल, निवडुंग, बाँस, जामुन, कड़ुलिंब (नीम), शीशम आदि सदाबहार एवं अर्ध-सदाबहार वनों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के वृक्ष देखने को मिलते हैं। यहाँ 300 से अधिक प्रजातियों के विविध वृक्ष एवं वनस्पतियाँ पाई जाती हैं। कई नई वनस्पतियों का रोपण भी किया गया है, जिनमें से कुछ औषधीय हैं।
दहिसर नदी तथा उसकी छोटी-बड़ी सहायक धाराएँ, नाले और नदियाँ इस अभयारण्य की जीवनदायिनी हैं।
प्राणी :
इस जंगल में नेवला, उदबिलाव, जंगली बिल्ली, भालू, लंगूर, काला हिरण, हिरण, सांभर, चीतल, जंगली सूअर, तेंदुआ, बंदर आदि प्राणी पाए जाते हैं। तेंदुआ यहाँ का प्रमुख बड़ा मांसाहारी प्राणी माना जाता है।
यहाँ कुल 274 प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें 40 प्रकार के स्तनधारी शामिल हैं।
सरीसृप प्राणी :
साँप, छिपकली, गिरगिट, नाग, अजगर, घोरपड़ जैसे 35 प्रकार के सरीसृप यहाँ पाए जाते हैं।
उभयचर :
खाड़ी तथा अन्य आंतरिक नदी घाटियों में अनेक उभयचर प्राणी पाए जाते हैं। इनमें मेंढक, केकड़े आदि शामिल हैं। कुल 78 प्रकार के उभयचर यहाँ पाए जाते हैं।
तितलियाँ :
इस जंगल में 70 से अधिक प्रजातियों की तितलियाँ देखने को मिलती हैं।
पक्षी :
मोर, कठफोड़वा, किंगफिशर, चील आदि अनेक स्थानीय एवं प्रवासी पक्षी यहाँ पाए जाते हैं।
झरने / जलप्रपात :
अभयारण्य क्षेत्र के ऊँचे भागों से बहने वाले जलप्रवाहों के कारण कई स्थानों पर झरने बनते हैं। इनमें कोकणीपाड़ा, येऊर, चिरमादेवी, नेशनल पार्क और वाघदेवी झरने प्रमुख हैं।
जलाशय / पाणवठे :
जंगल के ऊँचे क्षेत्रों से कई प्राकृतिक झरने और जलाशय पाए जाते हैं। इनमें मध्य भाग में स्थित तुलसी झील, दक्षिण दिशा में विहार झील, उसके नीचे पवई झील, तथा मध्य क्षेत्र में बने कई छोटे-बड़े जलसंग्रह बाँध शामिल हैं।
कुछ कृत्रिम जलाशय भी बनाए गए हैं। जंगल से बहने वाली नदियों पर कृत्रिम बाँध बनाकर जलाशय तैयार किए गए हैं। दहिसर नदी और उल्हास नदी की सहायक नदियाँ इस अभयारण्य की जीवनरेखा हैं।
बोटिंग पॉइंट :
बोरिवली गेट से कुछ दूरी भीतर एक कृत्रिम जलाशय है, जहाँ पर्यटक नौका विहार (बोटिंग) का आनंद ले सकते हैं।
डियर ऑब्ज़र्वेशन ज़ोन (हिरण अवलोकन क्षेत्र) :
अभयारण्य क्षेत्र में दहिसर नदी के आसपास हिरण देखे जा सकते हैं। यह क्षेत्र घने जंगल के अंतर्गत आता है।
कान्हेरी लेणी :
अभयारण्य के मध्य भाग में कान्हेरी गुफाएँ स्थित हैं। बोरिवली गेट से यहाँ तक कई बसें चलती हैं।
कान्हेरी गुफाएँ मुंबई स्थित संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की प्राचीन बौद्ध गुफाएँ हैं।
ये गुफाएँ ईसा पूर्व पहली शताब्दी से ईसा की दसवीं शताब्दी के कालखंड की हैं।
यहाँ कुल लगभग 109 गुफाएँ हैं, जिनमें विहार, चैत्यगृह और स्तूप देखने को मिलते हैं।
इन गुफाओं का उपयोग भिक्षुओं द्वारा ध्यान, निवास और शिक्षा के लिए किया जाता था।
चट्टानों में उकेरी गई स्थापत्य कला, शिलालेख और जलसंग्रह की व्यवस्था विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
इतिहास, धर्म और प्रकृति का सुंदर संगम यहाँ अनुभव किया जा सकता है।
सूर्योदय पॉइंट :
कान्हेरी गुफा समूह के पास ही सूर्योदय बिंदु स्थित है। यहाँ से प्रतिदिन सुबह सुंदर सूर्योदय का दृश्य देखा जा सकता है। अनेक पर्यटक और प्रकृति प्रेमी यहाँ आते हैं।
ब्रिटिश कालीन बंगले के अवशेष :
ब्रिटिश शासनकाल में तुलसी झील के पास जंगल क्षेत्र में ब्रिटिश अधिकारियों के निवास एवं विश्राम के लिए एक सुंदर बंगला बनाया गया था। आज यह संरचना उपेक्षित अवस्था में है, पर इसके अवशेष देखे जा सकते हैं।
टाइगर ज़ोन / कोर एरिया :
उद्यान का मध्यवर्ती भाग अत्यंत घना वन क्षेत्र है, जो इस अभयारण्य का कोर एरिया है। इस क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित है। यह एक आरक्षित प्राणी क्षेत्र है, जहाँ तेंदुए जैसे वन्य प्राणी पाए जाते हैं।
मुंडी पॉइंट :
अभयारण्य के उत्तर-पूर्वी भाग में मुंडी पॉइंट स्थित है। यहाँ जलाशय हैं। अनेक वन्यजीव एवं पक्षी विशेषज्ञ इस स्थान पर अध्ययन और अवलोकन के लिए आते हैं।
पाणखंड धरण :
अभयारण्य के उत्तर-पूर्वी भाग में बहने वाली एक छोटी वन नदी पर पाणखंड बाँध बनाया गया है। यह वन्य प्राणियों और पक्षियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है।
भ्रमण का समय :
सुबह 7:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक
(मौसम के अनुसार समय में परिवर्तन हो सकता है)
सोमवार को बंद
महत्त्व :
मुंबई जैसे महानगर का हरा फेफड़ा (Green Lung)
पर्यावरण संरक्षण, अनुसंधान और पर्यटन के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण
• यात्रा (Fort Trekking) के दौरान कई जरूरी सामान की आवश्यकता होती है। आप नीचे दी गई वेबसाइट के माध्यम से इन्हें देख सकते हैं और खरीद सकते हैं।
🧭 जरूरी ट्रेकिंग सामान:
• ट्रैवल बैग / Trekking Rucksack
👉 https://amzn.to/4rDgX2V
• ट्रेकिंग जूते / Trekking Shoes / Hiking Shoes
👉 https://amzn.to/4uyIUeZ
• टोपी / Sun Cap / Hat
👉 https://amzn.to/4bRniDe
• कैमरा / Action Camera
👉 https://amzn.to/4biTU90
• सेल्फी स्टिक / Selfie Stick
👉 https://amzn.to/4bGETNg
• बैटरी / LED Headlamp / Torch
👉 https://amzn.to/4bNNUoN
• रस्सी / Climbing Rope
👉 https://amzn.to/41bmO4P
• कैरबिनर हुक / Carabiner Hooks
👉 https://amzn.to/4uDMC7i
• फर्स्ट एड किट / First Aid Kit
👉 https://amzn.to/4bx27VF
• कैंपिंग टेंट / Camping Tent
👉 https://amzn.to/47bm973
• स्लीपिंग बैग / Sleeping Bag
👉 https://amzn.to/40IDYqn
• दूरबीन / Telescope / Binocular
👉 https://amzn.to/4snpwQS
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का ऐतिहासिक परिचय :
प्राचीन काल में यह क्षेत्र घने जंगल के रूप में जाना जाता था।
ईसा पूर्व पहली से ईसा की दसवीं शताब्दी के बीच यहाँ बौद्ध गुफाएँ खोदी गईं।
ब्रिटिश शासनकाल में वन विभाग की स्थापना के बाद 20.26 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अभयारण्य के रूप में वन विभाग के अधीन किया गया।
अभयारण्य की निगरानी एवं निरीक्षण हेतु बंगले बनाए गए।
काले बेसाल्ट पत्थरों के कारण इस क्षेत्र को आगे चलकर कृष्णगिरी नाम दिया गया।
वर्ष 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद यह क्षेत्र भारत सरकार के अधीन आया।
वर्ष 1974 में इसका नाम बोरिवली राष्ट्रीय उद्यान रखा गया।
वर्ष 1981 में इसका नाम बदलकर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान रखा गया।
Sanjay Gandhi Rastriya Udyan, Borivali, Mumbai.










कोणत्याही टिप्पण्या नाहीत:
टिप्पणी पोस्ट करा
ही एक वैयक्तिक माहितीपर वेबसाईट आहे. येथे दिलेली माहिती अभ्यास व संदर्भासाठी आहे.
अधिकृत माहितीसाठी संबंधित सरकारी संकेतस्थळ पाहावे.